Read Time:21 Second
ना उनको पता था ,
ना मुझको पता था ,
ये कसूर इश्के हवा का था ,
इस हवा में ही अज़ीब नशा था।।
इश्क हो जाएगा ये सोचा कहां था।।
ना उनको पता था ,
ना मुझको पता था ,
आपसे ही बना है मेरी मोहब्बत का वजूद,
जो भूलकर भी न भूली जाए वो दास्तां हो आप!!
Post Views:
1,104


