शिमला:( IGMC) में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है

Vivek Sharma
0 0
Read Time:2 Minute, 5 Second

शिमला:हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी ( IGMC) में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने के मामले कई बार सामने आते रहे हैं। ऐसा ही कुछ मामला सोमवार को भी सामने आया ,जिसमें एक मां का आरोप है कि उसके बच्चे को गलत इंजेक्शन( Injection) दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं सोमवार सुबह इस मामले को लेकर अस्पताल में हंगामा भी हुआ। 7 महीने के बच्चे को रविवार को रोहड़ू के देविधार गांव से ईलाज के लिए आई जीएमसी लाया गयाथा। बच्चे को खांसी थी इसके चलते उसे चिल्ड्रन वार्ड( Children’s Ward) में दाखिल कर लिया। सोमवार सुबह बच्चे को जैसे इंजेक्शन लगाया उंसके बाद बच्चे के शरीर मे लाल निशान पड़ने लगे और कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई।

बच्चे की मां परीक्षा रावत ने बताया कि वो अपने 7 महीने के बच्चे को खांसी के ईलाज के लिए रोहड़ू से यहां लाई थी। उसे चिकित्सकों ने दाखिल कर लिया और इंजेक्शन दिया। मां का आरोप है कि सोमवार सुबह बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया। क्योंकि जिस बेड 38 नंबर पर उनका बच्चा था उसी बेड पर 14 साल का बच्चा भी एडमिट था। उनके बच्चे को 14 साल वाले का इंजेक्शन लगा दिया। उंसके बाद बच्चे के शरीर मे लाल निशान पड़ने लगे और कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मां ने आईजीएमसी प्रशासन से न्याय की मांग की है। खबर लिखे जाने तक आईजीएमसी प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

स्कूल के काम से परेशान मुख्याध्यापक ने फंदा लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में खुलासा

आए दिन लोग आत्महत्या जैसे खौफनाक कदम उठा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में आत्महत्या का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। कांगड़ा के बैजनाथ में आत्महत्या का मामला  सामने आया है। यहां राजकीय उच्च पाठशाला हरेड़ के मुख्याध्यापक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। बैजनाथ की हरेड़ पंचायत की राजकीय उच्च […]

You May Like

Subscribe US Now