बारिश के चलते पहाडो और सडको को हुआ नुकसान ,हिमाचल के कई जगहाओ पर आज रेड अलरट

Vivek Sharma
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सिरमौर जिला के पांवटा साहिब से गुम्मा जाने वाले नेशनल हाई-वे 707 का एक हिस्सा शुक्रवार सुबह भारी बारिश के बाद ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। सतौन से कमरऊ के बीच बड़वास गांव के समीप काली ढांक स्थान पर उस वक्त पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा धड़ाधड़ धराशाही हो गया जब लोगों की आवाजाही मार्ग पर नियमित रूप से चल रही थी। चंद क्षण पहले यहां से दर्जनों वाहन गुजर चुके थे, परंतु सुबह साढ़े आठ बजे के आसपास अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हुए, जिसके बाद काली ढांक के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही लोगों द्वारा रोक दी गई। चंद क्षणों में ही लोगों के देखते देखते पूरा पहाड़ का मलबा राष्ट्रीय उच्च मार्ग के करीब 150 से 200 मीटर हिस्से को बहाकर ले गया। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांवटा साहिब-गुम्मा के बड़वास के समीप 200 मीटर हिस्से के पूरी तरह से जमींदोज होने के बाद जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की पांच से छह दर्जन पंचायतों के अलावा शिमला जिला के रोहड़ू, हाटकोटी व उत्तराखंड के दर्जनों पंचायतों का संपर्क टूट गया है। जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौतम ने तुरंत राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के अलावा एसडीएम पांवटा साहिब, एसडीएम शिलाई, तहसीलदार कमरऊ के साथ वैकल्पिक व्यवस्था व किस प्रकार पुनः बहाली इस मार्ग की हो सके इस विषय पर चर्चा की।

साथ ही यातायात व्यवस्था जारी रखने के लिए अस्थायी मार्ग पांवटा साहिब-किल्लौड़ से वाया उत्तराखंड होते हुए जौंग, जाखना से कफोटा तक खोल दिया गया है। कफोटा में यह मार्ग नेशनल हाई-वे 707 पर मिल जाएगा। उपायुक्त रामकुमार गौतम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर डबल लेन का कार्य कर रही कंपनी व मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाई-वे के पांवटा साहिब स्थित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नेशनल हाई-वे 707 पर जगह-जगह पर सावधानी बोर्ड लगाए जाएं।  उपायुक्त सिरमौर रामकुमारा गौतम ने बताया कि नेशनल हाई-वे के ध्वस्त होने से लोगों को इस मार्ग से आवाजाही न करने की हिदायत दी गई है। यातायात बहाली को लेकर पांवटा साहिब से किल्लौड़-जौंग-जाखना से कफोटा का मार्ग खोला गया है।

एनएच पांवटा साहिब-गुम्मा का बड़वास के समीप 150 मीटर का हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हुआ है। तकनीकी तौर पर मौके पर जाकर पूरा जायजा लिया जा चुका है। मार्ग के पूरी तरह से स्थायी तौर पर सुचारू होने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। मौके पर तमाम व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है

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