शहीदों के बलिदान व्यर्थ न जाएंगे, देश पे मरने वालो के बदले लिए जायेंगे.किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने सुहाग , भोले बचपन पे क्या बीती क्या बताएंदेश तड़फ रहा है कल से , क्या सच में होगा चीनी सामान का बहिस्कारकर दे भारत सरकार चीनी सामान को बेन […]
हिन्दी कविता
करते रहे वो इक़रार, हम ख़ामोशी बुनते रहे , चर्चे का उन्हें शौक़ रहा, हम दामन में छिपते रहे
करते रहे वो इक़रार,हम ख़ामोशी बुनते रहे ,चर्चे का उन्हें शौक़ रहा,हम दामन में छिपते रहे ,दर्दे दिल की दास्तां, दोनों की रहीफर्क बस इतना रहा ,वो सुनाते रहे, और हम सुनते रहेहर पल याद आती है,इसलिए मिलने आते हैं वो ,हम उन्हीं की याद में ,छिपके उनसे मिलते रहे […]
अभी अभी तो तुमने, पंख फैलाए थे , नीले आसमान पे , इन्द्रधनुष बन छाये थे :सुशांत सिंह राजपूत जी को समर्पित ….
अभी अभी तो तुमने,पंख फैलाए थे ,नीले आसमान पे ,इन्द्रधनुष बन छाये थे ।कितनी मोहक थी ,तुम्हारी हंसी…..जैसे अंधेरों में ,दिये जलाये थे ।माना मृत्यु जीवन का सत्य है,पर क्या, इसे खुद से लिखना…सही कृत्य है ?….हां, रहीं होगी कोई पीड़ातुम्हारे अन्दर …मात- पिता से तो, वोनहीं होगी बढ़कर ….कितने […]
अब मै समझ गया हूँ मआशरे के उसूलों को नहीं संभालता तो, मै उस कीचड़ मे गिर जाता।
अब मै समझ गया हूँ मआशरे के उसूलों कोनहीं संभालता तो, मै उस कीचड़ मे गिर जाता। न दी तवज्जो उनके बे-तुके गुफ़्तगू कोजो होता शरीक उसमे, तो गुनहगार मै बन जाता। न दे इतनी एहमियत किसी बद्द-दिमाग मग़रूर कोथोड़ी इज़्ज़त गर किसी ग़रीब को देते, तो वो तेरा परस्तार […]
जो जलाये दीये हमने , तो अंधेरा बढ़ गया , ये क्या हुआ कि अब ए हयात से कोई मर गया ।
जो जलाये दीये हमने ,तो अंधेरा बढ़ गया ,ये क्या हुआ कि अब ए हयातसे कोई मर गया । यारों अजब रहा ,दुनिया का ही चलन ,मिले जो दोस्ती को,वो रक़ीब बन गया । सफ़र न होती जिंदगी ,तो बात ही क्या थी ,मिले न वो, छूटे जो,कारवां गुज़र गया । […]
ना उनको पता था , ना मुझको पता था , ये कसूर इश्के हवा का था
ना उनको पता था ,ना मुझको पता था ,ये कसूर इश्के हवा का था ,इस हवा में ही अज़ीब नशा था।।इश्क हो जाएगा ये सोचा कहां था।।ना उनको पता था ,ना मुझको पता था ,आपसे ही बना है मेरी मोहब्बत का वजूद,जो भूलकर भी न भूली जाए वो दास्तां हो […]
इक आग,इक तपन, रोज़ नयी चाहिए , ये है इनसां की फितरत, कुछ अलग चाहिए
इक आग,इक तपन,रोज़ नयी चाहिए ,ये है इनसां की फितरत,कुछ अलग चाहिए ।देश सुख का हो ,चाहत दिल की ये है ,साथ दुखों का भी ,इक नगर चाहिए ।हकीकत तो ये है,किअब वफ़ा ही नहीं ,बेवफाओं का फिर भी,भरम चाहिए ।अपनों से हमें ,चाहेमिले न कुछ भले ,गैरों का ही […]
मेरी दोस्ती, देखनी हो तो पतझड़ में आना दोस्त।
मेरी दोस्ती,देखनी हो तोपतझड़ में आना दोस्त। सावन में तोहर पत्ता हरा होता है…. चौराहों पर लगेदिशा निर्देशों की अपनीमंजिल न हो बेशक। तुम्हें,मंजिल का पताजरूर बता देंगे …. ( एन. पी. सिंह )
बरसों तलक होती रही, मुलाक़ात हमारी , इक बात न कह पाई , ज़माने गुज़र गये ।
बरसों तलक होती रही, मुलाक़ात हमारी ,इक बात न कह पाई , ज़माने गुज़र गये । पल पल पे देते रहे हैं , वादों पेजान जो ,ढूंढा,तो न मिले,आज वो दीवानेकिधर गये । किस्से ‘औ ‘ कहानियों सी,मिलती है दास्तां,हकीकत जो मिली ,तो फ़सानेबिखर गये । तेरा ही था भरम […]
जब भी तेरे एहसास से, ये दिल आबाद हुआ, इक टीस सी उठी
जब भी तेरे एहसास से,ये दिल आबाद हुआ,इक टीस सी उठी , औरदफ़न हो गये सारे ख़्वाब।बड़ी अजीब सी है, येमेरे साथ जो बीती दास्तांसिर्फ आंसू से लिखा है,प्यार का नाम …न जाने कौन हैं वोजो ये कहते रहते हैं,एक ख़ूबसूरत एहसासहै मोहब्बत …हमने तो जब भी छुआबस हाथ जल […]

